25 अप्रैल 2016—देश अभी-अभी “जल बचाओ” के नारे से तर-बतर हुआ है। विश्व जल दिवस बीते कुछ दिन ही हुए हैं, और मंचों पर बहाए […]
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प्रशासन की देर से खुली नींद: जब खाली हो गई जेब, तब आया किताबों पर लगाम का आदेश
बैम्बू पोस्ट 24 अप्रैल 2026 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों और कमीशनखोरी पर लगाम लगाने के लिए जारी […]
“रिसॉर्ट में ‘वन्य स्वाद’ का स्पेशल मेन्यू: हिरण गया, मैनेजर आया सलाखों के भीतर”
बैम्बू पोस्ट 29 मार्च 2026 बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पर्यटन का नया मॉडल सामने आया है—“इको जोहार रिसॉर्ट” में प्रकृति से जुड़ने […]
पेट्रोल-गैस के विकल्प की तलाश तेज़, सौर-इलेक्ट्रॉनिक आधारित ईंधन अपनाने की मांग बढ़ी
बैम्बू पोस्ट 22 मार्च 2026 बिलासपुर। देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल और गैस की कीमतों तथा बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अब वैकल्पिक ईंधनों की […]
देश में नई बीमारी – गैस शॉर्टेज सिंड्रोम!”
बैम्बू पोस्ट 15 मार्च 2026 बिलासपुर। घर–घर में फैल रही रहस्यमयी बीमारी का पहला मामला आज एक छोटे से घर में सामने आया। घटना तब […]
गैस पर्याप्त, मगर होटल ठप्प — बिलासपुर में सिलेंडर की ‘अदृश्य लीला’!”
बैम्बू पोस्ट 12 मार्च 2026बिलासपुर। एक तरफ जिला प्रशासन का दावा है कि शहर में घरेलू एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और घबराने की कोई […]
पाण्डेय जी मादर बाजावत आवे, लोकतंत्र ताल मिलावत आवे
बैम्बू पोस्ट 28 जनवरी 2026 बिलासपुर। शहर के एक सभागार में आज राजनीति ने भाषण नहीं दिया— उसने ताल बाँधी। फ़र्श पर दरी थी, बीच […]
छत्तीसगढ़ में साहित्य का आपातकाल: जब शब्दों को भी कर्फ़्यू पास चाहिए
बैम्बू पोस्ट 24 जनवरी 2026/बिलासपुर/ रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों साहित्य पढ़ा नहीं जा रहा, नियंत्रित किया जा रहा है। रचना अब सृजन नहीं, शेड्यूलिंग […]
राख में लिपटी राहत की तस्वीर
बैम्बू पोस्ट 21 जनवरी 2026 बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत के आसपास बसे गाँव—सीपत, जांजी, देवरी, कौड़िया, रांक, रलिया, गतौरा और कर्रा—इन दिनों हवा में घुली “विकास […]
साहित्य में भी ‘बुकिंग फुल’ का दौर 8 फरवरी को शब्दों की भिड़ंत से बचने की अपील
बैम्बू पोस्ट 14 जनवरी 2026 बिलासपुर। शहर में साहित्य अब केवल रचना नहीं, तिथि प्रबंधन का विषय बनता जा रहा है। कृति कला एवं साहित्य […]
