
बैम्बू पोस्ट 22 नवम्बर 2025 बिलासपुर।
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) : खराब सड़कें बनी बड़ा मुद्दा — वार्डों से लेकर गलियों–मोहल्लों तक लोगों में आक्रोश, सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
बिलासपुर शहर में खराब सड़कों की समस्या अब सिर्फ मुख्य मार्गों तक सीमित नहीं रह गई है। वार्डों, गलियों और मोहल्लों तक जर्जर सड़कों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बारिश के बाद से कई जगह गड्ढे इतने गहरे हो गए हैं कि स्थानीय निवासी इन्हें “गड्ढों में सड़क” कहकर तंज कस रहे हैं।
वार्ड 10, 14, 23, 27 और 32 में गली सड़कों की स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। मोहल्लों में छोटे वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई जगह पानी भर जाने से बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से संबंधित विभागों को शिकायतें भेजने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है।
नई सरकार ने कहा है कि खराब सड़कों की स्थिति “पिछली सरकार की अनदेखी” का नतीजा है और वार्ड–वार्ड सर्वे कर त्वरित मरम्मत अभियान चलाया जाएगा।
लेकिन विपक्ष का आरोप है कि सरकार “जिम्मेदारी से बचने के लिए राजनीति कर रही है”, जबकि गली–मोहल्लों की जनता रोज़ाना परेशान हो रही है।
गली स्तर पर सबसे गंभीर समस्या उन जगहों पर है जहाँ नालियां भी टूटी पड़ी हैं। इसके चलते हल्की बारिश में ही पानी भर जाता है और सड़कें दलदल जैसी बन जाती हैं।
तिफरा, राजकिशोर नगर, सरकंडा, चकरभाठा, व्यापार विहार रोड से सटे मोहल्लों में भी यही स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय निवासी रामेश्वर साहू ने बताया—“गली में दो–दो फीट के गड्ढे हो गए हैं। बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है।”
इसी तरह वार्ड 27 की एक गृहणी ने कहा—“सड़कें टूटी होने से सब्जी तक लाना मुश्किल है। यहां राजनीति हो रही है, हमारी समस्या वही की वही है।”
नगर निगम व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद कहा है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में गली–स्तर पर मरम्मत अभियान शुरू किया जाएगा।
फिलहाल शहर के वार्डों और मोहल्लों की जनता का एक ही मांग है—
राजनीति बाद में, सड़कें पहले ठीक हों।
