तीन महीने से वेतन नहीं मिलने पर व्याख्याता पहुंचे हाईकोर्ट, डीईओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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बैम्बू पोस्ट 7 मई 2026 बिलासपुर ।

बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। लगातार तीन माह से वेतन नहीं मिलने से परेशान व्याख्याता संजय पाण्डेय ने आखिरकार छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे द्वारा पूर्व आदेशों का पालन नहीं किए जाने और विभागीय स्तर पर समाधान नहीं मिलने से संजय पाण्डेय ने लोक शिक्षण संचालनालय तक गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामले की सुनवाई जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित प्राचार्य को निर्देश दिया कि वे संजय पाण्डेय के आवेदन पर तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लें।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कई शिक्षकों का वेतन विभिन्न कारणों से रोक दिया जाता है और बाद में कथित रिश्वत या दबाव के बाद जारी किया जाता है।
बताया जा रहा है कि संजय पाण्डेय ने वेतन रोके जाने के संबंध में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी भी मांगी थी, लेकिन उन्हें जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले में संयुक्त संचालक शिक्षा रामायण प्रसाद आदित्य की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले के अन्य प्रभावित शिक्षकों में भी उम्मीद जगी है कि उन्हें समय पर वेतन मिलेगा और अनावश्यक दबाव या भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मामले में राज्य शासन की ओर से पैरवी अधिवक्ता आदित्य तिवारी ने की।

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