
बैम्बू पोस्ट 17 नवम्बर 2025बिलासपुर।
तोरवा क्षेत्र स्थित कृषि उपज मंडी की करोड़ों की बेशकीमती सरकारी ज़मीन पर पिछले कुछ महीनों से भू–माफियाओं की गहरी नज़र बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, भूमि को निजी उपयोग और वाणिज्यिक प्लॉटिंग में बदलने की तैयारी गुपचुप तरीके से चल रही है, जिसमें स्थानीय नेता की मिलीभगत का भी संदेह जताया जा रहा है।
◼︎ अंदरखाने चल रही “जमीन जुगाड़” की कोशिशें
जानकारी मिली है कि कुछ प्रभावशाली लोग मंडी परिसर की खाली जमीन का अवैध सर्वे, गैर–कानूनी सीमांकन और भविष्य में प्राइवेट प्रोजेक्ट के संकेत दिखाने लगे हैं। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि हाल के दिनों में कई संदिग्ध लोग मंडी इलाके में घूमते देखे गए, जो जमीन की कीमत, एरिया और उपयोग पर गुप्त बातचीत करते नज़र आए।
◼︎ किसानों में बढ़ी बेचैनी
किसानों का कहना है कि मंडी की जमीन पर अगर कब्जा या निजी उपयोग की कोशिश सफल हुई, तो
कृषि गतिविधियाँ प्रभावित होंगी
आने वाले समय में व्यापारिक सुविधाएँ कम होंगी
अनाज तौलने, भंडारण और परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ेगा
एक किसान ने कहा, “मंडी की जमीन हमारी ज़रूरत है, किसी के निजी फायदे के लिए इसे हथियाने नहीं देंगे।”
◼︎ प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
घटना की चर्चा फैलने के बाद भी संबंधित विभागों की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद निरीक्षण नहीं किया जा रहा, जिससे भू–माफियाओं के हौसले और बढ़ रहे हैं।
◼︎ जांच की मांग
स्थानीय सामाजिक संगठनों और मंडी व्यापारियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सरकारी भूमि को कब्जा–माफिया से बचाया जा सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।
